सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण ने उत्तराखंड के जिला सहकारी संघों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। तीन जुलाई से अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। जिला कार्यकारिणी के गठन के साथ-साथ राज्य स्तरीय संघों में भेजे जाने वाले डेलीगेटों का भी चुनाव कराया जाएगा।
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसादत्त पांडेय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्राथमिक स्तर की बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, क्रय-विक्रय समितियों, केंद्रीय समितियों और भंडार समितियों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब जिला स्तरीय चुनावों का दौर शुरू हो गया है। जिला सहकारी संघों के चुनाव संपन्न होने के बाद जिला सहकारी बैंकों, रेशम फेडरेशन समेत अन्य राज्य स्तरीय संस्थाओं के चुनाव भी कराए जाएंगे।
यह रहेगा चुनाव कार्यक्रम
3 जुलाई : अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
6 जुलाई : आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी
7 जुलाई : नामांकन पत्रों की बिक्री एवं नामांकन
8 जुलाई : प्रत्याशियों की प्रारंभिक सूची का प्रकाशन
9 जुलाई : नामांकन वापसी, अंतिम प्रत्याशी सूची का प्रकाशन एवं चुनाव चिह्न आवंटन
13 जुलाई : मतदान, मतगणना और परिणाम घोषणा
14 जुलाई : अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं विभिन्न संस्थाओं के लिए प्रतिनिधियों (डेलीगेट) का चुनाव
प्राधिकरण के अनुसार 14 जुलाई को जिला सहकारी संघों की कार्यकारिणी के गठन के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों का निर्वाचन एक ही दिन में कराया जाएगा। नामांकन से लेकर मतदान, मतगणना और परिणाम की पूरी प्रक्रिया उसी दिन पूरी होगी।
अगस्त-सितंबर में होंगे राज्य स्तरीय चुनाव
जिला स्तरीय चुनाव संपन्न होने के बाद अगस्त और सितंबर के बीच राज्य स्तरीय संघों, सहकारी बैंकों और अन्य शीर्ष संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों से चल रही सहकारिता चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
जानकारों के अनुसार इस बार जिला और राज्य स्तरीय सहकारी संस्थाओं के चुनावों में सबसे अधिक राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिलेगी। खास बात यह है कि मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच कम, जबकि भाजपा के भीतर विभिन्न गुटों के बीच अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसादत्त पांडेय ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है और आगामी चरणों के चुनाव भी समयबद्ध तरीके से संपन्न कराए जाएंगे।
