देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, शिक्षा, पर्यटन और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी तथा पद्मश्री सम्मानित निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का फैसला शामिल है। इससे पशुपालकों और यात्रा से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
उपनल (UPNL) कर्मचारियों को भी बड़ी राहत देते हुए ‘समान कार्य-समान वेतन’ का लाभ देने के लिए कट-ऑफ तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 निर्धारित की गई है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में कैबिनेट ने उत्तराखंड को 100 प्रतिशत साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा ‘उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026’ को भी स्वीकृति दी गई।
आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए वैट और सेस के रूप में लगने वाले दोहरे कर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। वहीं सड़क निर्माण कार्यों में कोलतार की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग को टेंडर अनुबंध अवधि बढ़ाने की अनुमति दी गई है।
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, कर्मचारियों को राहत मिलेगी, शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
राज्य मंत्रिमंडल के ये फैसले जनकल्याण, प्रशासनिक सुधार और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
