पहाड़ के दुर्गम अस्पतालों को मिली नई संजीवनी, 216 डॉक्टरों की तैनाती; पिथौरागढ़ को मिले 18 चिकित्सक

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के दुर्गम सरकारी अस्पतालों में 216 नए डॉक्टरों की तैनाती कर दी है। लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कई अस्पतालों में पहली बार नियमित चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने रिक्त पदों को भरने के लिए हाल ही में 216 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की थी। चयनित डॉक्टरों को अब विभिन्न जिलों के अस्पतालों में नियुक्ति दे दी गई है। शासन स्तर से तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

तैनाती सूची के अनुसार सबसे अधिक 44 डॉक्टर टिहरी जिले के अस्पतालों में भेजे गए हैं। इसके अलावा चमोली और पौड़ी में 27-27, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में 24-24, तथा पिथौरागढ़ जिले में 18 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है।

इसी प्रकार उत्तरकाशी में 17, चंपावत में 14 और बागेश्वर में 11 डॉक्टरों को तैनात किया गया है। सरकार ने मैदान की अपेक्षा पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए अधिकांश चिकित्सकों की नियुक्ति पहाड़ी जिलों में की है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई नियुक्तियों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मरीजों को उपचार के लिए जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाना है।