मतदाता सूची पुनरीक्षण में उत्तराखंड की तेज रफ्तार, 98% गणना फार्म वितरित; डिजिटाइजेशन में पिथौरागढ़ तीसरे स्थान पर

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उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदेश में अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 12 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा तथा आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों की बैठक भी बुलाई गई है।

डिजिटाइजेशन में अल्मोड़ा, पौड़ी और पिथौरागढ़ आगे

गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन में पर्वतीय जिले सबसे आगे चल रहे हैं। अल्मोड़ा 33 प्रतिशत, पौड़ी 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ शीर्ष तीन जिलों में शामिल हैं।

वहीं, नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में करीब 8 प्रतिशत फार्मों का ही डिजिटाइजेशन हो पाया है।

22,900 बूथ लेवल एजेंट तैनात

राजनीतिक दलों द्वारा प्रदेशभर में 22 हजार 900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात किए गए हैं, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 7 जुलाई तक गणना फार्मों का वितरण और संकलन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा तथा 14 जुलाई 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी कर अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और त्रुटियों को दूर करना है।