उत्तराखंड में बढ़ते मानव-बंदर संघर्ष पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग पहली बार राज्यव्यापी बंदर गणना अभियान शुरू करेगा। यह सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जिसे भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने विकसित किया है। तीन दिवसीय अभियान के दौरान वन कर्मी, डब्ल्यूआईआई के शोधकर्ता और स्थानीय स्वयंसेवक बंदरों के झुंड, उनकी तस्वीरें और जीपीएस लोकेशन ऐप पर दर्ज करेंगे। इससे बंदरों के हॉटस्पॉट और उनके वितरण का वैज्ञानिक डाटाबेस तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में बंदरों से फसलों को नुकसान और लोगों पर हमलों की घटनाएं सबसे अधिक सामने आई हैं। पांच वर्ष पहले हुई गणना में राज्य में बंदरों की संख्या लगभग 1.10 लाख आंकी गई थी।
उत्तराखंड में पहली बार होगी बंदरों की गणना, मोबाइल ऐप से तैयार होगा वैज्ञानिक डाटाबेस
