देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आई विसंगतियों के आधार पर 19.04 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किए हैं। नाम, आयु और रिश्तेदारों की जानकारी में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तुत दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाएगा। यदि कोई जानकारी या दस्तावेज झूठा अथवा मनगढ़ंत पाया गया तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-217 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत एक वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों की कार्रवाई हो सकती है।
एसआईआर में गलत जानकारी देना पड़ेगा भारी, 19 लाख मतदाताओं को नोटिस; झूठे दस्तावेज पर हो सकती है जेल
