पिथौरागढ़ । ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रही हैं। विकासखंड बिण के ग्राम गोगना डाकुड़ा की श्रीमती इंद्रा देवी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास से गांव की महिलाएं भी बड़े बाजारों तक अपनी पहचान बना सकती हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत हिमालय CLF से जुड़े मोस्टा बाबा स्वयं सहायता समूह की सदस्य इंद्रा देवी द्वारा 14 वाहिनी मुख्यालय जाजरदेवल को 555 किलोग्राम जीवित मुर्गियों की सफल आपूर्ति की गई। यह उपलब्धि न केवल उनकी उद्यमिता की मिसाल बनी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।
वर्ष 2025-26 में इंद्रा देवी को “मुर्गी पालन” हेतु 3 लाख रुपये का बिजनेस प्लान स्वीकृत हुआ था। इसमें जिला सहकारी बैंक से 1.50 लाख रुपये का ऋण, ग्रामोत्थान परियोजना से 75 हजार रुपये का सहयोग तथा 75 हजार रुपये स्वयं के निवेश से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। आज उनका यह उद्यम लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है।
विशेष बात यह रही कि इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए इंद्रा देवी ने अपने गांव की दो अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा। इससे गांव में रोजगार और सामुदायिक सहभागिता दोनों को बढ़ावा मिला।
महिलाओं में इस बात को लेकर खास उत्साह है कि अब उन्हें अपने उत्पादों के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा, बल्कि घर के नजदीक ही स्थायी बाजार उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी आय के साथ आत्मविश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।
अगले सप्ताह 14 वाहिनी मुख्यालय को लगभग 600 किलोग्राम जीवित बकरियों की आपूर्ति भी प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जुट चुकी हैं।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बाजार और रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंद्रा देवी और स्वयं सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं बड़ी से बड़ी मांग पूरी करने में सक्षम हैं।
मुर्गियों से बदली तक़दीर, इंद्रा देवी बनीं गांव की तस्वीर !
