पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शुरू हुई सियासी जंग अब और तेज हो गई है। भाजपा द्वारा पुतला दहन के बाद विधायक मयूख महर ने जोरदार पलटवार करते हुए डबल और ट्रिपल इंजन सरकार पर कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों और अधूरे विकास कार्यों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
एक दिवसीय धरने के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक मयूख महर ने कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रांगण से जनता के हित में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनका पुतला फूंकने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सरकार के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली विधानसभा बैठक में सभी विधायकों से 10-10 विकास प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन प्रस्तावों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जुलाई से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब भाजपा कार्यकर्ता इन अधूरे वादों पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगेंगे।
मयूख महर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में डबल और ट्रिपल इंजन की ताकत से विकास कर रही है, तो फिर पिथौरागढ़ की जनता इलाज और बेहतर सड़कों के लिए क्यों संघर्ष कर रही है। उन्होंने झूलाघाट, बड़ाबे, ऐंचोली, चंडाक, बांस, सातशिलिंग और थल रोड की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यदि अगले 15 दिनों में सड़कों की हालत नहीं सुधरी तो वे बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगे।
विधायक मयूख महर ने स्पष्ट कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों और जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते रहेंगे। पिथौरागढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर अब और तेज होता दिखाई दे रहा है।
