देहरादून। प्रदेश में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने घोषणा की है कि यदि सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होती है, तो आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को निजी एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल पहुंचा सकेंगी। इसके लिए सरकार की ओर से 2,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने पर आशाओं को मिलेंगे 2 हजार रुपये
