पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग कर देशभर से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस दौरान रं समुदाय ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक पगड़ी ‘बैंटिलो’ और पुरुष परिधान ‘रंगा’ पहनाकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, इच्छाशक्ति और संकल्प की परीक्षा है। ऐसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों का आभार भी जताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में जहां लगभग 36,500 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या 67 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, साहसिक खेलों और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित की जाएगी। लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होने वाली यह दौड़ बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। इस आयोजन से उत्तराखंड की हिमालयी सुंदरता और साहसिक पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांत गांवों को देश के प्रथम गांव के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप राज्य सरकार स्थानीय आजीविका को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पर्वतारोहण और माउंटेन साइक्लिंग जैसे साहसिक खेलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

