हरिद्वार । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के रोजगार, आवास, बाढ़ सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
1. उत्तराखण्ड के विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार
कैबिनेट ने राज्य के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा की गई।
2. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास को मंजूरी
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और शोध को बढ़ावा मिलेगा।
3. परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित संस्थाओं को मिलेगा
उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिया जाएगा। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता मिलेगी।
4. द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। प्रस्ताव के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अप्रचलित कानूनों के अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
5. उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और निर्माण एवं विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया और मानक निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और लोगों, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाना है।
6. विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की। विधानसभा सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
7. उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को मंजूरी
प्रदेश में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और आग लगने की घटनाओं से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा कानून को संशोधित कर नया कानून लाना है।
8. सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई भर्ती नियमावली को मंजूरी
राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। नई नियमावली केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई नियमावली पुरानी नियमावली का स्थान लेगी।
9. संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन
उत्तराखण्ड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पहले दर्ज निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखण्ड का नाम दर्ज किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित होगा।
10. स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता बढ़ी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से किया जाएगा।
11. हरिद्वार की किफायती आवासीय परियोजना को राहत
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर यह परियोजना प्रस्तावित है। तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है।
12. ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी
ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। 10 नवंबर, 2023 के शासनादेश में गलती से दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी। यह निर्णय अभिलेखों में त्रुटि सुधार से संबंधित है।
13. मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
प्रदेश के साहसी और बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य बच्चों के साहस को प्रोत्साहित करना और उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।

