उच्च हिमालय में एनसीसी कैडेट्स को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के गुर सिखाए

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धारचूला,पिथौरागढ़ । जीवंत ग्राम पीजीएमई गुंजी शिविर में रविवार को राष्ट्रीय 80 यूके बटालियन एनसीसी, पिथौरागढ़ की ओर से एनसीसी कैडेट्स के लिए उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं शारीरिक अनुकूलन को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

रेजिमेंटल चिकित्सा अधिकारी कैप्टन विजय नेगी ने कैडेट्स को उच्च ऊंचाई पर वातावरण में होने वाले बदलावों और शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने बताया कि अधिक ऊंचाई पर वायुदाब और ऑक्सीजन की उपलब्धता कम होने के कारण शरीर को वातावरण के अनुरूप ढलने में समय लगता है।

कैडेट्स को सिरदर्द, चक्कर, थकान, कमजोरी, नींद में परेशानी, भूख में कमी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों के प्रति सजग रहने को कहा गया। किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तत्काल प्रशिक्षक अथवा चिकित्सा अधिकारी को जानकारी देने की सलाह दी गई।

उन्हें पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने, संतुलित आहार, उचित विश्राम, धीरे-धीरे ऊंचाई के अनुरूप ढलने तथा अत्यधिक शारीरिक परिश्रम से बचने के उपाय भी बताए गए। मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतने पर विशेष जोर दिया गया।

चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का ऊंचाई के प्रति अनुकूलन अलग-अलग होता है। इसलिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक अत्यधिक शारीरिक परिश्रम करने के बजाय शरीर को वातावरण के अनुरूप ढलने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है।

शिविर के दौरान कैडेट्स को उच्च हिमालयी एवं सीमावर्ती क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेना है। ऐसे में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहद उपयोगी रहा। कैप्टन विजय नेगी ने कैडेट्स के सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस ऐरी, मेजर संध्या, सहायक एनसीसी अधिकारी कैप्टन हरीश बिष्ट, लेफ्टिनेंट (डॉ.) हेमंत कुमार जोशी सहित सैन्य अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित रहे।