अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति के संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक टूटकर 78 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार वाशिंगटन द्वारा ईरान पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में 60 दिनों की ढील दिए जाने से तेल आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी है, जिससे कीमतों पर दबाव आया है। कच्चे तेल की कीमतों में आई इस नरमी से भारत सहित कई देशों में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक बाजार में नरमी से पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की बढ़ी उम्मीद
