जटेश्वर महादेव मंदिर की भूमि को लेकर पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर आंदोलनरत, तीसरे दिन भी धरना जारी

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सैकड़ों वर्षों से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहे जटेश्वर महादेव मंदिर की भूमि को मंदिर समिति को सौंपने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिण पशुपालन केंद्र में धरना प्रदर्शन कर सरकार एवं पशुपालन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि जिस भूमि को उनके पूर्वजों ने भगवान शिव को समर्पित किया था, उसी पवित्र भूमि पर वर्षों से मुर्गी पालन का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 700 से 800 वर्ष पुराने जटेश्वर महादेव मंदिर से क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और पहचान जुड़ी हुई है।
पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर ने कहा कि अब समय आ गया है कि भगवान की भूमि भगवान को वापस मिले, ताकि मंदिर का विस्तार किया जा सके और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित हों। उन्होंने कहा कि सरकार और पशुपालन विभाग को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर की 41 नाली गुट भूमि मंदिर समिति को सौंपनी चाहिए।
विधायक ने यह भी बताया कि मंदिर की 70 नाली 10 मुट्ठी भूमि बिण ब्लॉक परिसर के पास भी स्थित है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आगामी दिनों में बिण ब्लॉक परिसर में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने “भगवान की भूमि भगवान को वापस दो” के नारे लगाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल भूमि का मुद्दा नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और विरासत को बचाने की लड़ाई है, जो अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।