पिथौरागढ़। भारतीय जनता पार्टी पिथौरागढ़ ने मयूख महर के नेतृत्व में चल रहे जटेश्वर महादेव मंदिर भूमि आंदोलन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “नौटंकी” करार दिया है। भाजपा का कहना है कि जिस कुकुट हेचरी को खाली कराने की बात विधायक कर रहे हैं, वह राज्य सरकार द्वारा संचालित ऐसा स्वरोजगार उपक्रम है, जिससे जिले के आठों विकासखंडों के कास्तकारों और बेरोजगार लोगों को रोजगार एवं लाभ मिल रहा है।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी कवीन्द्र साह ठुलघरिया ने बयान जारी कर कहा कि प्रशासन एवं स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार जटेश्वर मंदिर के नाम लगभग 350 नाली भूमि दर्ज है। भाजपा ने सवाल उठाया कि शेष भूमि किन-किन लोगों के कब्जे में है और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि विधायक मयूख महर का निजी आवास, विशाल मॉल, निजी वर्कशॉप तथा अन्य गतिविधियां भी इसी 350 नाली भूमि के अंतर्गत संचालित हो रही हैं। पार्टी ने मांग की कि मंदिर की पूरी भूमि पर कब्जाधारकों का विवरण सार्वजनिक किया जाए और यह भी बताया जाए कि वे कब से भूमि पर काबिज हैं।
भाजपा ने यह भी कहा कि बोचढ़ी क्षेत्र के आसपास लगभग 54 नाली भूमि सेना के कब्जे में होने का दावा किया जाता है, लेकिन विधायक ने इस मुद्दे पर कभी आवाज नहीं उठाई।
पार्टी ने सवाल किया कि विधायक मयूख महर इतने लंबे समय बाद इस मुद्दे को क्यों उठा रहे हैं, जबकि वह पूर्व में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष और विधायक रह चुके हैं। भाजपा ने यह भी पूछा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दर्जा मंत्री रहते हुए उन्होंने कब्जा हटाने की पहल क्यों नहीं की।
भाजपा का कहना है कि विधायक की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है, जो भूमि से जुड़े बड़े हेरफेर की ओर संकेत करता है। पार्टी ने प्रशासन से जटेश्वर मंदिर की 350 नाली भूमि की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मंदिर को उसकी पूरी भूमि वापस मिल सके।
जटेश्वर मंदिर भूमि विवाद पर भाजपा का पलटवार, विधायक मयूख महर के धरने को बताया ‘नौटंकी’
