भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेन्द्र महर ने केंद्रीय बजट 2026 को निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की असली चुनौतियों—बेरोजगारी, महंगाई, ठहरे हुए वेतन, कमजोर मांग और गिरते निवेश—को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करता है।
महर ने आरोप लगाया कि गरीबों, किसानों, युवाओं, SC-ST, OBC, EWS और अल्पसंख्यकों के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में न तो पर्याप्त बजट आवंटन किया गया है और न ही खर्च को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट, बढ़ते कर्ज और राज्यों के वित्तीय संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह मौन है। असमानता चरम पर होने के बावजूद बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया।
ऋषेन्द्र महर ने बजट को “रिपीटेशन और रीसाइक्लिंग” बताते हुए कहा कि इसमें न नई सोच है और न नई दिशा। शेयर बाजार में आई गिरावट भी जनता के भरोसे की कमी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दावे के विपरीत है और देश के गरीबों, युवाओं व मध्यम वर्ग के हित में नहीं है।
