देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें से शिक्षा विभाग के दो प्रस्ताव वापस करते हुए 8 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देकर की गई।
कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लेते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली राहत राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया। घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
राजधानी देहरादून की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए मेट्रो नियो परियोजना को मंजूरी दी गई। अब शहरी विकास और आवास विभाग इस परियोजना पर संयुक्त रूप से काम करेंगे।
राज्य में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति भी दी गई है। महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट कर सकेंगी, बशर्ते वे लिखित सहमति पत्र दें।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
पर्यावरण संरक्षण का लेखा-जोखा विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
46 अतिरिक्त सहायक अभियोजन अधिकारियों के पद सृजित।
ऊर्जा विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
देहरादून मेट्रो नियो परियोजना को मंजूरी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा बढ़ाकर 10 लाख किया गया।
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति।
