फर्जी दस्तावेजों से अग्निवीर बनने की कोशिश, हुई 2 साल की सजा

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पिथौरागढ़। फर्जी दस्तावेजों के जरिए अग्निवीर भर्ती में शामिल होने की कोशिश करने वाले युवक को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव के मार्गदर्शन में पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा की गई प्रभावी विवेचना और सशक्त पैरवी के बाद न्यायालय ने यह फैसला दिया। मामला वर्ष 2022 का है, जब आर्मी अग्निवीर भर्ती परीक्षा के दौरान अभियुक्त दीपक सिंह जैम्याल को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ ने अभियुक्त को दो वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।