आज का इतिहास

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7 जनवरी: इतिहास के पन्नों में आज का दिन

  1. ममता शंकर का जन्म (1955): नृत्य और अभिनय का संगम
    7 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्मीं ममता शंकर प्रसिद्ध नर्तक उदय शंकर और अमला शंकर की पुत्री हैं। उन्होंने न केवल शास्त्रीय नृत्य में महारत हासिल की, बल्कि सत्यजीत रे और मृणाल सेन जैसे दिग्गज निर्देशकों की फिल्मों (जैसे ‘अगांतुक’) में अपनी अदाकारी का लोहा भी मनवाया। वे आज भी नृत्य कला को बढ़ावा देने में सक्रिय हैं।
  2. बिमल रॉय का निधन (1965): यथार्थवादी सिनेमा के पुरोधा
    भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली निर्देशकों में से एक, बिमल रॉय का निधन आज ही के दिन 1965 में हुआ था। उन्हें ‘दो बीघा ज़मीन’, ‘देवदास’, ‘बंदिनी’ और ‘मधुमती’ जैसी कालजयी फिल्मों के लिए जाना जाता है। उन्होंने सामाजिक मुद्दों को पर्दे पर संवेदनशीलता के साथ उतारने की नई परंपरा शुरू की थी।
  3. इरफान खान का जन्म (1967): अभिनय का ‘ग्लोबल’ चेहरा
    हिंदी सिनेमा और हॉलीवुड में अपनी आँखों से संवाद करने वाले बेहतरीन अभिनेता इरफान खान का जन्म 7 जनवरी 1967 को जयपुर में हुआ था। ‘मकबूल’, ‘द लंचबॉक्स’ और ‘पीकू’ से लेकर ‘लाइफ ऑफ पाई’ और ‘जुरासिक वर्ल्ड’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों तक, उनका सफर प्रेरणादायक रहा। 2020 में उनके निधन के बाद भी वे दुनिया भर के प्रशंसकों के दिलों में जीवित हैं।
  4. बिपाशा बसु का जन्म (1979): बॉलीवुड की ‘बोल्ड एंड ब्यूटीफुल’ स्टार
    7 जनवरी 1979 को दिल्ली में जन्मीं बिपाशा बसु ने एक सफल मॉडलिंग करियर के बाद फिल्म ‘अजनबी’ (2001) से बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने ‘राज’, ‘जिस्म’, ‘कॉर्पोरेट’ और ‘धूम 2’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे फिटनेस के प्रति अपनी जागरूकता के लिए भी जानी जाती हैं।
  5. कपिल देव का ऐतिहासिक 300वां विकेट (1987): क्रिकेट की बड़ी उपलब्धि
    आज ही के दिन 1987 में कटक के बाराबती स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान भारतीय ऑलराउंडर कपिल देव ने अपने करियर का 300वां टेस्ट विकेट लिया था। वे इस आंकड़े तक पहुँचने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज (बी.एस. चंद्रशेखर के बाद) बने थे। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय तेज गेंदबाजी को एक नई दिशा दी थी।
  6. जेजे लालपेखलुआ का जन्म (1991): भारतीय फुटबॉल के स्टार स्ट्राइकर
    मिजोरम के रहने वाले भारतीय फुटबॉलर जेजे लालपेखलुआ का जन्म 7 जनवरी 1991 को हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय टीम के प्रमुख स्ट्राइकर रहे हैं और उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। वे इंडियन सुपर लीग (ISL) के इतिहास के सबसे सफल भारतीय स्कोररों में से एक गिने जाते हैं।