भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश के बैंकिंग परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव आए हैं। डिजिटलीकरण और यूपीआई (UPI) के बढ़ते उपयोग के कारण एटीएम (ATM) की संख्या में गिरावट आई है। देशभर में सक्रिय एटीएम की संख्या घटकर 2.51 लाख रह गई है, जिसमें निजी बैंकों के नेटवर्क में सबसे अधिक कमी देखी गई।
इसके विपरीत, इसी अवधि में भौतिक बैंक शाखाओं की संख्या में 2.8% की वृद्धि हुई है। देश में कुल बैंक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1.64 लाख तक पहुंच गई है। यह डेटा दर्शाता है कि बैंक ऑनलाइन लेन-देन पर जोर देने के बावजूद, ग्राहकों को व्यक्तिगत सेवाएँ प्रदान करने और अपनी भौगोलिक पहुंच बढ़ाने के लिए शाखाओं में निवेश जारी रखे हुए हैं।
RBI रिपोर्ट: 2024-25 में घटे ATM (2.51 लाख), बढ़ीं बैंक शाखाएं (1.64 लाख); डिजिटलीकरण का असर
