राजस्व परिषद ने जिला प्रशासन को राज्य के हर गांव में फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत राजस्व और कृषि विभाग की ओर से गांव-गांव शिविर लगाए जाएंगे, जिनके लिए प्रति शिविर 15 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। अभी दी जा रही खतौनी में खातेदारों और सहखातेदारों के हिस्से का स्पष्ट उल्लेख नहीं होता, इसलिए विभाग अब अंश निर्धारण खतौनी बनाने की प्रक्रिया तेज कर रहा है। नई व्यवस्था में प्रत्येक किसान की यूनिक आईडी बनेगी, उसकी भूमि, किसान क्रेडिट कार्ड, और विभिन्न योजनाओं का लाभ संबंधी विवरण दर्ज होगा। सचिव रंजना राजगुरु ने बताया कि इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है।
खबर काम की- उत्तराखंड केहर गांव में बनेगी फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी में होगा अंश निर्धारण
