देवभूमि में पहचान छिपाकर रहने की कोशिश करने वालों के लिए कड़ा संदेश देते हुए उत्तराखण्ड पुलिस के निर्देश पर जनपद पिथौरागढ़ में “ऑपरेशन क्रैक डाउन – वेरिफिकेशन ड्राइव” पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सभी थाना, चौकी और सर्किल स्तर पर बाहरी व अपरिचित व्यक्तियों का सघन भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आश्रम, होम स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, पीजी, किराए के मकान, कोचिंग सेंटर सहित अन्य निजी संस्थानों में रह रहे लोगों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है। एकत्रित डाटा का तकनीकी परीक्षण कर राष्ट्रीय पोर्टलों से भी मिलान किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
विगत दिवस की कार्रवाई:
जनपद में 90 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया।
डीडीहाट क्षेत्र में एसएचओ संजय जोशी द्वारा दो मकान मालिकों का ₹10-10 हजार का चालान किया गया।
गंगोलीहाट में अपर उपनिरीक्षक नरेंद्र पाठक ने एक मकान मालिक पर ₹10 हजार का चालान किया।
पुलिस ने मकान मालिकों, होटल व होम स्टे संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। “हमें जानकारी नहीं थी” जैसा तर्क मान्य नहीं होगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। पुलिस ने दोहराया कि पहाड़ की शांति बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी है और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
