अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में उपयोग किया गया सोना ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा विषय है। सबसे पहले वर्ष 1830 में महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर को स्वर्ण मढ़ित कराने के लिए लगभग 162 किलोग्राम शुद्ध सोना दान किया था। इसके बाद 1990 के दशक में करीब 500 किलोग्राम और 2018 से 2024 के बीच लगभग 160 किलोग्राम सोने का उपयोग नवीनीकरण कार्यों में किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वर्ण मंदिर में अब तक कुल 800 किलोग्राम से अधिक 24 कैरेट शुद्ध सोना इस्तेमाल हो चुका है। वर्तमान बाजार दर के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत ₹10,000 करोड़ से अधिक आंकी जाती है।
