देवनीमोरी बुद्ध अवशेष पहली बार विदेश रवाना, श्रीलंका में प्रदर्शनी से मजबूत होंगे भारत-श्रीलंका आध्यात्मिक संबंध

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भारत ने अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर साझा करते हुए पहली बार देवनीमोरी बुद्ध अवशेषों को विदेश भेजा है। इन पवित्र अवशेषों को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित गंगारामया मंदिर में एक सप्ताह तक विशेष प्रदर्शनी के लिए रखा गया है, जहां श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
भारतीय अधिकारियों और बौद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। यह पहल दोनों देशों के ऐतिहासिक बौद्ध संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यह प्रदर्शनी भारत की प्राचीन बौद्ध धरोहर को विश्व समुदाय के साथ साझा करने और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे दोनों देशों के बीच धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।