पिथौरागढ़। फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिये शिक्षक बनने के मामले में कुमाऊं से जुड़ा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि कुमाऊं में ही मायका और ससुराल होने के बावजूद कई अभ्यर्थियों ने खुद को यूपी सहित अन्य राज्यों का स्थायी निवासी दिखाकर डीएलएड का डिप्लोमा हासिल किया। इसके बाद उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी पा ली। जिले के छह विकासखंडों में ऐसे 55 शिक्षक नियुक्त पाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
डीएलएड घोटाला: कुमाऊं के अभ्यर्थी बने यूपी के स्थायी निवासी, फर्जी प्रमाणपत्र से पाई शिक्षक की नौकरी
