पिथौरागढ़। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ में ‘मोतियाबिंद मुक्त अभियान’ को गति देते हुए चयनित ग्राम पंचायतों में विशेष स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन शुरू किया गया है। यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के मिशन निदेशक के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविरों में 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों की निःशुल्क दृष्टि जांच की जाएगी। जांच के दौरान Visually Disabling Cataract (दृष्टिबाधित करने वाला मोतियाबिंद) से ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों को उपचार एवं ऑपरेशन के लिए जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में संदर्भित किया जाएगा।
जनपद को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के उद्देश्य से आठ विकासखंडों की 12 ग्राम पंचायतों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) एवं आशा कार्यकर्ताओं की सहायता से घर-घर संपर्क अभियान चलाकर पात्र व्यक्तियों को शिविर में आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘स्कूल टीचर किट’ के माध्यम से शिक्षकों को नेत्र जांच का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की प्रारंभिक आंखों की जांच करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला चिकित्सालय में रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं उपचार सुविधा का लाभ उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से दृष्टि हानि को रोका जा सकता है तथा बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
