छात्रों पर बढ़ते पढ़ाई के दबाव और करियर को लेकर भ्रम को देखते हुए CBSE ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अब सभी संबद्ध स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर और करियर काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य कर दी है। करियर काउंसलर कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को विषय चयन और भविष्य के करियर विकल्पों को लेकर मार्गदर्शन देंगे। वहीं मेंटल हेल्थ काउंसलर छात्रों और उनके अभिभावकों को परामर्श देने के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिंता और अन्य समस्याओं से जूझ रहे छात्रों की मदद करेंगे। इस फैसले को छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
CBSE का बड़ा फैसला: स्कूलों में करियर और मेंटल हेल्थ काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य
