भाजपा विधायक पर जमीन का कब्जाने के आरोप, प्रशासन ने दिया नोटिस

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उत्तराखंड की धामी सरकार के लिए अक्सर अपने बयानों से मुसीबत खड़ी करने वाले गदरपुर विधायक अरविंद पांडे इस बार जमीनी विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। जनपद उधम सिंह नगर के गदरपुर स्थित विधायक के आवास पर बने कैंप कार्यालय पर तहसील प्रशासन ने देर शाम नोटिस चस्पा कर दिया है।

प्रशासन का आरोप है कि विधायक के मकान का कुछ हिस्सा सरकारी भूमि पर बना हुआ है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस के बाद बढ़ी हलचल

जैसे ही नोटिस चस्पा होने की खबर इलाके में फैली, विधायक समर्थकों की भीड़ उनके आवास पर जुटने लगी। नोटिस चस्पा किए जाने के वक्त विधायक अरविंद पांडे घर पर मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में उनके बेटे अतुल पांडे ने नोटिस रिसीव किया। अतुल पांडे ने कहा कि उन्हें जो नोटिस मिला है, उसका जवाब न्यायालय में दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ईमानदारी से जनता की सेवा कर रहे हैं और यह पूरी कार्रवाई साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है।

साजिश का आरोप, राजनीति गरमाई

परिवार का कहना है कि जिस मकान को लेकर आज अतिक्रमण बताया जा रहा है, वह 10 साल से अधिक पुराना है। इतने वर्षों में कभी कोई आपत्ति नहीं उठाई गई, जबकि तहसील और अन्य विभागों के अधिकारी वहां आते-जाते रहे हैं। आरोप लगाया गया कि पिछले 10 दिनों से जानबूझकर दबाव बनाया जा रहा है और विधायक को चारों ओर से घेरने की कोशिश की जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि प्रदेश और केंद्र—दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद यह कार्रवाई क्यों? समर्थकों का कहना है कि “डबल इंजन सरकार में भी गाड़ी को खींच-खींचकर चलाया जा रहा है।”

अब बड़ा सवाल

क्या यह प्रशासनिक कार्रवाई है या सत्ताधारी विधायक के खिलाफ सियासी घेराबंदी?
15 दिन बाद तय होगा कि विधायक अरविंद पांडे पर कार्रवाई होती है या मामला न्यायालय में नया मोड़ लेता है।