बजट में खत्म हुई 92 साल पुरानी परंपरा, जानिए क्या बदला

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बजट के दिन हमेशा से देश की नजरें वित्त मंत्री पर रहती हैं, लेकिन साल 2017 से पहले रेल मंत्री भी उतने ही अहम हुआ करते थे। दरअसल, 1924 से भारत में अलग से रेल बजट पेश करने की परंपरा चली आ रही थी, जिसमें लोग अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रेलवे सुविधाओं की उम्मीद लगाए रहते थे। मोदी सरकार ने 2017 में इस 92 साल पुरानी परंपरा को खत्म करते हुए रेल बजट को आम बजट में शामिल कर दिया। सरकार का तर्क था कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रेलवे के विकास को समग्र दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जा