स्वास्थ्य विभाग में 1046 चतुर्थ श्रेणी भर्ती, जानिए किस जिले में कितने पद खाली

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स्वास्थ्य विभाग में 1046 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती की जाएगी, जिनमें 680 वार्ड बॉय (चतुर्थ श्रेणी) और 366 पर्यावरण मित्र शामिल हैं। ये सभी पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिलेवार रिक्त पद (चतुर्थ श्रेणी):
हरिद्वार – 89
नैनीताल – 196
पौड़ी – 40
चमोली – 131
उत्तरकाशी – 38
अल्मोड़ा – 31
बागेश्वर – 10
पिथौरागढ़ – 99
चंपावत – 25
महानिदेशालय – 21
पर्यावरण मित्र रिक्त पद:
हरिद्वार – 21
नैनीताल – 136
पौड़ी – 37
चमोली – 43
उत्तरकाशी – 36
अल्मोड़ा – 16
बागेश्वर – 15
पिथौरागढ़ – 43
चंपावत – 15
महानिदेशालय – 04
[10:46 am, 3/1/2026] Komal Mehta Sir To Point: हेडलाइन:

अब केवल स्थानीय निवासी ही चला पाएंगे होम स्टे, बाहरी राज्यों को नहीं मिलेगी रियायत

राज्य सरकार ने होम स्टे योजना से मिलने वाली रियायतें अब केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित करने की तैयारी कर ली है। पर्यटन विभाग इस संबंध में प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में रखेगा। बाहरी राज्यों के लोग अब होम स्टे योजना से मिलने वाली बिजली-पानी की घरेलू दरों, रियायतों और अनुदान का लाभ नहीं ले पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा रहा है। दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास योजना के तहत छह कमरों तक के होम स्टे पर कुल लागत का 50 प्रतिशत या 15 लाख रुपये तक सब्सिडी और ब्याज में राहत मिलती है। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ज्याल ने पुष्टि की कि रियायतें केवल स्थानीय लोगों को उपलब्ध रहेंगी।
[10:47 am, 3/1/2026] Komal Mehta Sir To Point: हेडलाइन:

अब उत्तराखंड में साइबर अपराधों की जांच कर सकेगी CBI, राज्य सरकार ने दी खुली अनुमति

उत्तराखंड में बढ़ते साइबर व आईटी से जुड़े अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत दर्ज सभी मामलों की जांच के लिए सीबीआई को पूरे प्रदेश में कार्य करने की खुली अनुमति दे दी है। गृह विभाग के सचिव शैलेश बगौली की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब ऐसे मामलों की जांच केवल राज्य पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीबीआई भी सीधे हस्तक्षेप कर जांच कर सकेगी। इससे साइबर अपराधों पर नियंत्रण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।